Astrology


Astrology is best understood by knowledge how it began. Astrology is unquestionably the oldest and at the same times currently the mainly admired of all pseudo sciences.

Astrology is the learn of the relationship between the relative positions of assured extraterrestrial bodies and life here on earth. Because the term astrology comes from the Greek words astron, means 'star' and logos, so, we can exactly translate the term astrology to mean the language of the stars.

If it is your first time to consult an astrologer for your requirement, and you probably don't know exactly what to expect from an explanation. You do not know what he or she can actually do for you. You may be nervous and worry of what could be exposed in the session. You can trust with a famous Indian astrology Pt. Anil Aghori Ji because of our list of satisfied clients.

Astrology has three types:-

  • Siddhanta: Native indian astronomy.
  • Samhita: Ordinary astrology, forecasting essential activities relevant to nations such as war, quakes, governmental activities, financial roles, electional astrology, house and development relevant issues (V?stuSh?stra), creatures, portents, omens, and so on.
  • Hora: Predictive astrology in details.

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पंडित जी की कलम से

किसी भी कुंडली को देखने से पहले उसके जन्मलग्न पर दूसरे ग्रहो का कुप्रभाव ,लग्नेश का क्रूर ग्रहो से ग्रसित होना दशा,अन्तर्दशा,मारकेश ,सादे सती इत्यादि का गहनता से सूक्षम विचार अनिवार्य है, कभी कभी खराब ग्रह भी होते है पर फिर भी जातक पर बीमारी का विशेष प्रभाव नहीं होता, यह विशेष प्रभाव तभी होता है जब मारकेश की अन्तर्दशा,परतंतर दशा आती है। 

यद्यपि सूर्य से नेतर और हड्डी सम्बन्धी रोग देखे जाते हैं , कुछ ऐसे भी रोग हैं जो अन्य ग्रहो के योग से होते हैं , सूरह और चन्दर के योग से हृदय रोग, पेट में पानी भरना , सूरज,मंगल ,और केतु के योग से अथवा चन्दर केतु और सूर्य से आँखों में भेंगापन। सूर्य शुक्र के मेल से गुप्तिन्द्रि रोग, सूरह,बुध राहु से आंतो का रोग , सूर्य शनि से जोड़ो का दर्द , सूरह राहु से दिल. का दौरा। सूर्य बुध शुक्र से फुलवेहरी। सूर्य शनि राहु से पोलियो हो जाता है। 

इसके निदान के लिया अलग अलग ग्रहो का उपचार होना चाहिए, सूरज के लिया हर रविवार ५०० ग्राम कनक भून कर गुड़ मिला कर गौशाला गाय को चारो , हर सक्रांति को मंदिर में १०० ग्राम देसी घी दो , मंगल के कुप्रभाव के लिया सांडो (बुल) को गुर चराओ। राहु के लिया हर शनिवार ४ काले कुतो को दही में दुबे माह की दाल के भलए डालो, शुक्र के लिया आटे के पेड़े में १/२ चमच पनीर भर के तीन गाय को चारो।, ४-5 लरकिओ को हर शुकरवार रसगुल्ला खाने को दो। किसी बचे को पोलियो हो जाये तो ताम्बे की अंगूठी में पन्ना और माणिक पहना दो या उसके पैर में ताम्बा, पीतल,लोहा का मिश्रित कर्रा पहना दो , आँखों की समस्या के लिया ताम्बे की अगूंठी में माणिक धारण करना शुभ है। चन्दर्मा अस्टमेश हो या अस्थम भाव से सम्बन्ध रखता हो और भी करूर ग्रहो की दृस्टि सम्बन्ध हो तो बचे की जान का खतरा बन सकता है ,क्षीण चन्दर्मा के लिया सफ़ेद वस्तुओं का दान दूध से रुद्राभिषेक ,हर सोमवार को काले कुत्ते को दूध, पिलाओ , चन्दर यंतर चंडी पर खुदवा कर सफ़ेद धागे या चाहंदी की चैन में पहनाओ। शनि राहु के पर्व के लिया, हर शनिवार सरसों के आयल की मालिश , शनिवार सायंकाल पीपल के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाओ. भिखारिओ को पकोड़े या तला हुआ खाने को दो , काओं को मीठे गुर के गुलगुले डालो 

लडकी की शीघ्र शादी के या विवाह में देरी के लिए:- पीला कपड़ा एक मीटर , ७ पीले जनेऊ , 7 हल्दी की गांठे साबत , ७ पीले फूल , ७ गुड़ की डली छोटी छोटी , २५० ग्राम चने की दाल(पीली), ७ ताम्बे के पैसे (पुराने सिक्के ) , पारवती जी का हार सिंगार का सामान (चुरी,चुनरी ,बिंदी , लिपस्टिक , मांग का संदूर इत्यादि परांडी) . शुक्लपक्ष वीरवार को शिव परिवार के मंदिर जा कर नंदी, गणेश, शंकर जी का पंचामृत से पूजन करके। …पार्वती जी का पूजन करके लाया हुआ सारा सामान उनके आगे रख कर (पीले कपड़े के ऊपर सारा सामान रख दो ), अत्ति शरदा भाव से माँ को शीघ्र से शीघ्र अच्छे पत्ति प्रापत होने की कामना करो , इस के साथ एक माला (१०८ मनके वाली) से "ओम ह्रीं श्रीं कात्यानी स्वाह" का जाप करो। उपरांत पारवती जी के आगे पीले वस्तर पर रखा सारा सामान इकठा कर पोटली बांध कर , घर ला कर मंदिर या उच्चित साफ़ जगह पर स्थापित कर दो , नित्य एक माला पूर्व की और पीले आसन पर बैठ कर ४० दिन जाप करो (किसी भी वक़त अत्ति विश्वास से) ४१ वे दिन पीले वस्तर में बंदि पोटली जलप्रवाह करो या मंदिर में रख आओ। ……य़ेह अत्ति अचूक उप्पाये है , निश्चित लाभ होगा।








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